आंध्र प्रदेश के IT मिनिस्टर गौतम रेड्डी का निधन, एक दिन पहले ही दुबई से लौटे थे; डॉक्टरों को शक, कोरोना के चलते हुआ कार्डिएक अरेस्ट
आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के इंडस्ट्रीज और आईटी मिनिस्टर मेकापता गौतम रेड्डी (Mekapati Goutham Reddy) को सीएम जगन मोहन रेड्डी का करीबी माना जाता था. रेड्डी अपनी सेहत को लेकर बहुत सतर्क रहते थे. डाइट का खास ख्याल रखते थे. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में आंध्र प्रदेश के अव्वल रहने के पीछे गौतम रेड्डी के प्रयासों का बड़ा योगदान माना जाता है.
हैदराबादः आंध्र प्रदेश के इंडस्ट्रीज और आईटी मिनिस्टर मेकापता गौतम रेड्डी का सोमवार को कार्डिएक अरेस्ट (Heart failure) के कारण निधन हो गया. सुबह सीने में दर्द के बाद उन्हें हैदराबाद के अस्पताल में लाया गया था. डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका. मिनिस्टर रेड्डी एक दिन पहले ही दुबई से लौटे थे, जहां वह राज्य के लिए निवेश जुटाने के मकसद से गए थे. कुछ समय पहले उन्हें कोरोना भी हुआ था. रेड्डी को YSRCP नेता और मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी (YS Jagan Mohan Reddy) का बेहद करीबी माना जाता था.
50 वर्षीय गौतम रेड्डी के निधन के बाद हैदराबाद में जुबली हिल्स के अपोलो अस्पताल ने बयान जारी करके बताया कि मंत्री को सुबह 7.45 बजे इमरजेंसी में लाया गया था. उन्हें कार्डिएक अरेस्ट हुआ था. वह सांस नहीं ले पा रहे थे. उनके शरीर में कोई हरकत नहीं थी. उन्हें तुरंत सीपीआर दिया गया और एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया. अस्पताल के मुताबिक, मंत्री रेड्डी को करीब 90 मिनट तक सीपीआर दिया गया. इसके बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका. 9.16 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
गौतम रेड्डी अपनी सेहत को लेकर बहुत सतर्क रहते थे और अपनी डाइट का खास ख्याल रखते थे. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, डॉक्टरों को शक है कि कोरोना के बाद की परेशानियों की वजह से उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा. पिछले हफ्ते मंत्री गौतम रेड्डी दुबई एक्सपो में शामिल होने के लिए गए थे. इस दौरान उन्होंने आंध्र प्रदेश में निवेश को लेकर दुनिया के टॉप उद्योगपतियों से मुलाकात की थी. शनिवार को ही वह दुबई से लौटे थे. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में आंध्र प्रदेश के अव्वल रहने के पीछे गौतम रेड्डी के प्रयासों का बड़ा योगदान माना जाता है.
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, उद्योगपति और पूर्व सांसद मेकापति राजमोहन रेड्डी के बेटे गौतम 2014 में आत्माकुर विधानसभा सीट से पहली बार जीतकर विधायक बने थे. तब उन्होंने YSRCP प्रत्याशी के तौर पर टीडीपी के वरिष्ठ नेता अनम रामनारायण रेड्डी को हराया था. 2019 के चुनावों में गौतम रेड्डी भारी मतों से विजयी हुए थे. इसके बाद मुख्यमंत्री जगन मोहन ने गौतम रेड्डी को अपनी कैबिनेट में जगह दी जबकि कई वरिष्ठ और कद्दावर नेता लाइन में थे. मंत्री गौतम रेड्डी अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं.आईटी मिनिस्टर रेड्डी के निधन पर मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा कि मैं गौतम रेड्डी को काफी पहले से एक युवा होनहार नेता के रूप में जानता हूं. एक युवा कैबिनेट सहयोगी के रूप में उनके निधन के बारे में बात करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं. राज्यपाल बिस्व भूषण हरीचंद्रन ने भी गौतम रेड्डी के निधन पर शोक जताया है. तेलंगाना के मंत्री केटी रामाराव ने कहा कि गौतम रेड्डी के निधन से मुझे गहरा दुख पहुंचा है. भाई आप बहुत जल्दी चले गए. भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे.

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